खाने के कप

लगातार पर्यावरण अनुकूलित उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए हैदराबाद की एक कंपनी ने पेय पदार्थ परोसने के लिए ऐसा प्याला (कप) बनाया है, जिसे इस्तेमाल करने के बाद खाया भी जा सकता है। इसमें गर्म और ठंडे दोनों तरह के पेय पदार्थ परोसे जा सकते हैं। 


 

कंपनी का दावा है कि ये कप प्राकृतिक अनाज से बने हैं और इनमें हर तरह के पेय-पदार्थ को परोसा जा सकता है। इसके बाद इन्हें खाया भी जा सकता है। हैदराबाद की निजी कंपनी ने इन कपों को ईट कप (खाने के कप) का नाम दिया है। 

कंपनी का कहना है कि इन्हें बनाने का उद्देश्य पेड़ों के काटकर बनाए जा रहे डिस्पोजल उत्पादों के इस्तेमाल में कमी लाना है, जो हमारे लिए नुकसानदायक भी होते हैं। 

कंपनी के कार्यकारी निदेशक अशोक कुमार का कहना है कि कप खाद्य अनाज से बने हैं और ये कप प्लास्टिक और पेपर दोनों तरह के कपों के अलावा एक अच्छा विकल्प बनेंगे। साथ ही इनके इस्तेमाल से पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव और कार्बन में कमी आएगी।

ये कप लगभग सभी तरह के पेय पदार्थ (मीठा, सूप, दही) परोसने के लिए मुनासिब हैं। यह 40 मिनट तक बिना गले ऐसे ही कुरकुरे बने रहते हैं। कंपनी का यह भी दावा है कि कप में परोसी गई खाद्य सामग्री के स्वाद में कोई बदलाव नहीं आएगा और कप के ऊपर कोई बनावटी परत नहीं चढ़ाई गई है।