इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली तथा इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्राहालय, भोपाल के संयुक्त तत्त्वाधान में दिनांक 20 नवम्बर, 2019 से भीमबेटका के खोजकर्ता, पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के शताब्दी वर्षोत्सव एवं 'विश्व विरासत सप्ताह' के अवसर पर भीमबेटका पुरास्थल में आयोजित की गई त्रिदिवसीय राष्ट्रीय चित्रकार कार्यशाला आज संपन्न हो गया। इस कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से आये 16 चित्रकारों ने यहाँ के शैलचित्रों को अपनी ड्राइंग शीट पर संरक्षित किया।
समापन के इस अवसर पर इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र के प्रोजेक्ट निदेशक, श्री बी.एल. मल्ला ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि इस कार्यशाला के प्रयोजन का प्रमुख उद्देश्य देश की प्राचीनतम विरासत जो शैलचित्रों के रूप में प्राचीन मानव के समुदाय, समाज व संस्कृति तथा उससे संबंधित विभिन्न क्रियाकलापों का संवाहक है, उसकी महत्ता के विषय में आम जनमानस मुख्यत: युवाओं को जागरूक करना है साथ ही भारत की इस धरोहर को पीढ़ी दर पीढ़ी तक पहुँचाना है। जिसके लिए इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली तथा इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्राहालय, भोपाल के संयुक्त प्रयास से भविष्य में इन चित्रों की प्रदर्शनी का आयोजन किया जा सकता है। इस कार्यशाला का एक अन्य प्रमुख उद्देश्य भारतीय शैलचित्र कला के पितामह, पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर कि भारतीय संस्कृति के संवर्धन में क्या सहयोग है, उसके प्रति लोगों को जागरूक करना भी है।
इस अवसर पर श्री वासुदेव कामथ, श्री बाबा योगेन्द्र जी (संस्थापक, संस्कार भारती), डॉ. नारायण व्यास (पुरात्वविद) एवं मानव संग्रहालय के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इस पुरे 03 दिवसीय कार्यक्रम का विडियो प्रलेखन संग्रहालय के सिने विडियो अनुभाग के श्री राजीव जैन के नेतृत्व में उनकी टीम द्वारा एवं छाया (फोटो) प्रलेखन श्री तापस कुमार बिस्वास के नेतृत्व में उनके टीम के द्वारा किया गया ।