जनजातीय संग्रहालय में तजाकिस्तान के कलाकारों ने समां बांधा

जनजातीय संग्रहालय में तजाकिस्तान के कलाकारों ने समां बांधा



संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने कहा है कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान से विभिन्न देशों को एक-दूसरे की संस्कृति समझने का अवसर मिलता है। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् के सहयोग से आदिवासी लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद की ओर से जनजातीय संग्रहालय में दो दिवसीय देशांतर समारोह का शुभारंभ करते हुए डॉ. साधौ ने यह बात कही।


समारोह के पहले दिन तजाकिस्तान के शोडिव अफजालशो ने साथी कलाकारों के साथ नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियाँ दीं। आमंत्रित कलाकारों ने भोपाल में कार्यक्रम प्रस्तुत करने के अवसर को अपने कला-जीवन का विशेष पल बताया। स्वागत से अभिभूत कलाकारों ने भारत के प्रख्यात सिने कलाकार और निर्देशक राजकपूर, अमिताभ बच्चन, मिथुन चक्रवर्ती, शाहरूख खान के अभिनय की प्रशंसा की। इस मौके पर तजाकिस्तान के वाद्य यंत्र स्क्रिप्का के माध्यम से एक मैत्री गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सिंथेसाइजर, अकॉर्डियन का प्रभावशाली वादन किया गया। सभी नृत्य और गीत दर्शकों ने सराहे।